Friday, 24 May 2019

परीक्षाफल का तनाव दूर करने के लिए इंटर कॉलेज जाखणीधार में बोर्ड परीक्षार्थियों की कॉन्सिलिंग कर दिए अनेक उपयोगी सुझाव।

     उत्तराखंड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाफल 30 मई को घोषित होने जा रहा है। परीक्षार्थियों में परीक्षाफल का डर व दबाव कम करने के लिए आज राजकीय इंटर कालेज जाखणीधार टिहरी गढ़वाल में परीक्षार्थियों के लिए कॉन्सिलिंग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों द्वारा छात्रों को दबाव से मुक्त रहने के लिए अनेक उपयोगी सुझाव दिए।
         कॉन्सिलिंग कार्यक्रम में प्रधानाचार्य श्री महावीर सिंह परमार ने कहा कि हर बार यह देखा जाता है परीक्षार्थी परीक्षाफल से निराश होकर मानसिक दबाव में कोई गलत कदम उठा लेते है. विद्यार्थी और अभिभावकों को चाहिए कि परीक्षाफल को लेकर अपने मन में किसी तरह का दबाव नहीं रखें.  यह जरूरी नहीं की हर विद्यार्थी पढ़ाई में टॉपर हो. कई बार ऐसा देखा गया है परीक्षाओं में अच्छे अंक नहीं लाने वाले विद्यार्थी दूसरे क्षेत्रों में अपनी अच्छी पहचान बनाते हैं. इस मौके पर शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष श्री दिनेश प्रसाद डंगवाल ने कहा कि अभिभवकों को चाहिए कि परीक्षा के परिणाम आने के बाद बच्चों पर किसी तरह का प्रेशर नहीं बनाएं. हमेशा देखा जाता है कि कंपटीशन के युग में बच्चे पढ़ाई के दबाव में रहते हैं, अभिभावकों को चाहिए कि बच्चे के तनाव को कम करें. साथ ही बच्चे के दिलचस्पी को समझ उसे उस कार्य में ज्यादा प्रोत्साहित करें. इस मौके पर विद्यालय के शिक्षक दिनेश रावत, संजीव नेगी, पंकज डंगवाल तथा चंदन सिंह असवाल ने भी परीक्षार्थियों को अनेक उपयोगी सुझाव देते हुए परीक्षाफल के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
सुशील डोभाल
संपादक की कलम से-
      प्रिय विद्यार्थियों, आशा और निराशा जीवन के दो पहलू हैं। जिस तरह दिन के बाद रात आती है और रात के बाद दिन आता है उसी तरह जीवन में आशा और निराशा का खेल चलता रहता है। सफल होने पर हम सभी आशा से भर जाते हैं परंतु कभी कभी हमारी आशाओं के अनुरूप परिणाम न मिलने या असफलताएं मिलने पर व्यक्ति निराशा से भर जाता है। उसकी सोच भी नकारात्मक हो जाती है और धीरे-धीरे उसका मनोबल भी बैठ जाता है। इस लेख में आपको मै बताने जा रहा हूँ कि किस प्रकार किसी असफलता को सफलता में बदला जा सकता है।
पता करें आपकी निराशा का मुख्य कारण क्या है ?
हर निराश व्यक्ति को यह अवश्य पता करना चाहिए कि उसकी निराशा का मुख्य कारण क्या है। जीवन में व्यक्ति बहुत से अवसर पर निराश हो सकता है। एक परीक्षार्थी परीक्षा में असफल होने पर व एक पढ़ा लिखा व्यक्ति बेरोजगार होने पर निराश हो सकता है। एक दंपति संतान ना होने पर निराश हो सकता है। एक बिजनेसमैन व्यापार में नुकसान होने पर निराश (Disappoint) हो सकता है। एक नेता चुनाव हार कर निराश हो सकता है। इस तरह हर व्यक्ति के जीवन में कोई ना कोई निराशा का कारण स्वाभाविक है। पर इसका मुख्य कारण क्या है यह जानने का प्रयास करें। इस समस्या की जड़ तक पहुंचे और उसका निवारण करें।
1. धैर्य है सफलता की सबसे बड़ी कुंजी।
धैर्य एक ऐसा गुण है जिसे धारण करना बहुत ही आवश्यक है। किसी भी काम को सफलतापूर्वक करने के लिए धैर्य चाहिए। धैर्य धारण करते हुए हमारे क्रांतिकारियों ने देश को अंग्रेजों के चंगुल से आजाद करवाया। जिंदगी में हर परीक्षा धैर्य पर आधारित होती है। एक बालक वर्ष भर धैर्य रखकर पढ़ाई करता है और सफलता में उच्च अंको से उत्तीर्ण होता है। किसी भी काम को करने के लिए धैर्य जरूरी है। जरूरी नही की हर बार हमें सफलता ही मिले, असफलता मिलने पर उसे चुनौती के रूप में स्वीकार करें और धैर्यपूर्वक इस चुनौती का सामना करें। यदि आप थोड़ी असफलता देखकर पूरी तरह निराश हो गए हैं तो यह बिल्कुल भी सही नहीं है। हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी धैर्य धारण किया। स्वतंत्रता संग्राम में अहिंसा और शांति का मार्ग अपनाया और अंग्रेजों को देश से खदेड़ दिया।  

2. आत्मविश्वास जरूरी है
स्वयं पर विश्वास होना बहुत जरूरी है क्योंकि जीवन में ऐसी बहुत सी कठिनाइयां होती हैं जब लोग आपका साथ नहीं देते हैं। ऐसे में यदि आप स्वयं अपने विचारों और मूल्यों का साथ नहीं देंगे तो आप असफल हो सकते हैं। विपरीत स्थिति होने पर व्यक्ति को स्वयं पर, अपने विचार और मूल्यों पर विश्वास रखना चाहिए। जो लोग आत्मविश्वास से भरे होते हैं वह बड़ी से बड़ी मुसीबत को झेल लेते हैं। अंत में उन्हें विजय प्राप्त होती है।
 3. असफलता ही सफलता का मंत्र है।
जो लोग जीवन में असफल होते हैं वे अपनी कमियों को जान पाते हैं और अगली बार वह सही रणनीति अपनाकर सफल होते हैं। इतिहास में ऐसे बहुत से उदाहरण देखने को मिलते हैं कि बहुत से राजा अनेक युद्ध हार कर दूसरे युद्ध में विजयी हुए। असफलता सबसे बड़ा गुरु होती है। यह बताती है की आपकी तैयारी में कोई कमी रह गयी। उसे पूरा करें।
4. क्या आप सफलता के योग्य हैं खुद से पूछे
बहुत बार यह देखा जाता है कि अयोग्य या कम योग्यता वाले व्यक्ति बहुत ऊँची महत्वाकांक्षा मन में पाल लेते हैं। उदाहरण के लिए एक औसत छात्र यदि आईएस पीसीएस (IAS, PCS) या किसी उच्च बौद्धिक परीक्षा में सफल होने का सपना देखता है तो यह उद्देश्य तो सही है परंतु इस परीक्षा को पास करने की मानसिक योग्यता भी उस व्यक्ति के अंदर होनी चाहिए। यदि आपने किसी गलत मकसद को चुन लिया है तो आप असफल होंगे और फिर आप निराशा के शिकार बन जायेंगे। इसलिए व्यक्ति को अपना लक्ष्य अपनी मानसिक योग्यता के अनुसार ही चुनना चाहिए।
 5. निराशावादी मित्रों से बचे, आशावादी मित्र बनाइये
किसी भी व्यक्ति के चारों ओर का वातावरण भी उसके व्यक्तित्व में बड़ा योगदान करता है। यदि आप ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं जो सदैव निराशा की बात करते हैं तो धीरे-धीरे आप भी क्या सोचने लग जाएंगे कि आप जिंदगी में एक असफल और हारे हुए व्यक्ति हैं और सफल नहीं हो सकते। इस स्थिति में बेहतर होगा कि आप निराशावादी मित्रों से दूर रहें। ऐसे मित्र बनाएं जो आशा से भरे हुए हैं। जो सदैव सकारात्मक बात करते हैं। उस माहौल और वातावरण में आप अपनी मानसिक शक्तियों का भरपूर इस्तेमाल कर सकेंगे और सफलता प्राप्त कर सकेंगे।
6. ईश्वर पर विश्वास रखें।
   यदि आपने भरपूर प्रयास किया फिर भी आप असफल हुए तो आपको ईश्वर पर विश्वास रखना चाहिए। उसने आपके लिए कुछ दूसरी योजनाएं बनाई होगी। यह भी हो सकता है कि आपका भविष्य किसी और क्षेत्र में हो। किस्मत/ नियति ने कुछ और सोचा हो आपके लिए। इसलिए आपको ईश्वर पर विश्वास रखना चाहिए।
     तो यह थे कुछ सुझाव जो आपको निराशा से बाहर निकलने में हमेशा मदद करेंगे। आपको अगर यह लेख पसंद आया हो तो नीचे कमेंट करे. आपका हर एक कमेंट मेरा उत्साह बढाता है। धन्यवाद।

Monday, 20 May 2019

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाफल हुआ घोषित. "हिमवंत" पर सबसे पहले यहाँ देखें परीक्षाफल.

       
         उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड (UBSE) हाईस्कूल व इंटरमीडियट का रिजल्ट 30 मई को जारी करेगा। बोर्ड ऑफिस में बैठक के बाद सचिव डॉ नीता तिवारी ने तिथि का ऐलान किया। इस बार करीब 2.5 लाख से अधिक छात्रों ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा दी है। उत्तराखंड बोर्ड 10वीं 12वीं रिजल्ट 30 मई को सुबह 10:30 बजे जारी किया जाएगा। UK Board 10th Result 2019: परीक्षा के नतीजे राजकीय इंटर कालेज जाखणीधार की ई-इत्रिका  "हिमवंत" पर देख सकेंगे।
           उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं एक मार्च से शुरू होकर 26 मार्च तक चली थी। इस बार कक्षा 10 की परीक्षा के लिए 149927 और कक्षा 12 की परीक्षा के लिए 124867 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। रिजल्ट बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट uaresults.nic.in पर चेक किए जा सकेंगे। पिछले वर्ष 10वीं में 74.57 प्रतिशत और 12वीं में 78.9 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए थे। 12वीं में लड़कियों ने बाजी मारी थी। लड़कियों का पास प्रतिशत 82.83 फीसदी रहा था जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 75.3 प्रतिशत रहा था। 10वीं में पास होने वाले छात्रों का प्रतिशत 68.96 और छात्राओं का प्रतिशत 80 रहा था। 12वीं में 98.40 प्रतिशत अंकों के साथ दिव्यांशी राज ने और 10वीं में 98.40 प्रतिशत अंकों के साथ काजल प्रजापति ने टॉप किया था।

 परीक्षाफल देखने के लिए नीचे क्लिक करें।

Saturday, 18 May 2019

केंद्रीय विद्यालय शिक्षकों को NPS के तहत ग्रेच्युटी और अन्य लाभ भी हुए बंद।

    केंद्रीय विद्यालय (केवी) संगठन के स्कूलों ने इस साल 2019 सीबीएसई बोर्ड की बारहवीं में सबसे अच्छे परिणाम दिए थे. परिणामों के तत्काल बाद केवीएस में पढ़ा र‍हे एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) धारक शिक्षकों को ग्रेच्युटी और अन्य लाभ बंद कर दिए गए हैं. केवी प्रगतिशील शिक्षक संगठन ने अन्यायपूर्ण निर्णय करार दिया है.
     इस साल केवी के स्कूलों में अब तक के रिकॉर्डतोड़ 98.54 फीसदी छात्र पास हुए थे. जाहिर है अच्छे परिणामों के पीछे केवीएस से जुड़े टीचरों की बड़ी भूमिका रही है. ले‍किन गुरुवार को केवीएस के अ‍सिस्टेंट कमिश्नर फाइनेंस की ओर से मिले पत्र ने बड़ी संख्या में टीचरों का भी दिल तोड़ दिया है.
        इस पत्र में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के 22 अप्रैल के पत्र का हवाला दिया गया है. इस पत्र के मुताबिक केंद्रीय विद्यालय संगठन अभी एनपीएस ( नेशनल पेंशन ) धारकों की डेथ, रिटायरमेंट और प्रोविजनल फैमिली पेंशन की सुविधाएं रोक दी गई हैं. पत्र में कहा गया है कि सीसीएस (पेंशन)नियमावली 1972 के अनुसार अब अग्रिम आदेश तक केवीएस के एनपीएस धारकों को ये सभी लाभ नहीं दिए जाएंगे. केवीएस के इस फैसले से एनपीएस धारक शिक्षकों में रोष है. कई शिक्षकों ने इस निर्णय के बारे में सोशल मीडिया पर भी लिखा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अच्छा रिजल्ट देने का उन्हें यह रिजल्ट मिला है.
         केवीएस से जुड़े लोगों की मानें तो यहां बड़ी संख्या में 2004 के बाद वाले टीचर नेशनल पेंशन सिस्टम से जुड़े हैं, केवीएस प्रशासन के इस फैसले से इन टीचरों को काफी नुकसान होगा. वहीं केवीएस संगठन के ए‍डिशनल कमिश्नर यूएन खवाडे का कहना है कि यह फैसला मानव संसाधन मंत्रालय के दिशानिर्देश पर लिया गया है. केवीएस प्रशासन ने एमएचआरडी के पत्र को संज्ञान में लेते हुए इसका फैसला किया है.
केवी पीएसएस (केंद्रीय विद्यालय प्रगतिशील शिक्षक संघ) के नेशनल जनरल सेक्रेटरी प्रियव्रत छिकारा का कहना है कि हमारे 25 रीजन को 16 मई को भेजा गया था. पत्र में कहा गया कि जो कर्मचारी नेशनल पेंशन सिस्टम के अंतर्गत आते हैं, उन्हें हम रिटायरमेंट और डेथ ग्रेच्युटी का फायदा नहीं देंगे. इसका हम सीधा विरोध करते हैं. इस बार सीबीएसई के टीचरों ने सबसे अच्छा रिजल्ट दिया है. ये रिजल्ट देने वाले टीचर हैं जिनसे आप यह फायदा छीन ले रहे. टीचर छुटिटयों में भी कक्षाएं लेते हैं. इस तरह के तानाशाही फरमान का संगठन विरोध करता है. नई सरकार बनते ही हम उन्हें लिखकर मांग करेंगे कि यह सुविधा न ली जाए. साथ ही हमें बीते तीन-चार साल से दीवाली का बोनस मिलता है, वह भी देना शुरू किया जाए.
ये नहीं होंगे प्रभावित
         हालांकि, 2004 से पहले वाले शिक्षकों को ओल्ड पेंशन स्कीम मिलती है जो प्रभावित नहीं होंगे, कोई रिटायर होता या बीच में डेथ हो जाती है तो भी उनके परिवार को ग्रेच्युटी मिलेगी. आज तक  से साभार।

Tuesday, 14 May 2019


इंटर कॉलेज जाखणीधार में इंस्पायर कार्यशाला का आयोजन कर बाल वैज्ञानिकों के अवार्ड नामांकन की दी गयी जानकारी.

     इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम में बाल वैज्ञानिकों के विचारों और नवाचारों को ऑनलाइन नामांकित करने के उद्देश्य से राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार में इंस्पायर अवॉर्ड मानक ओरियंटेशन वर्कशॉप का आयोजन किया गया. इस अवसर पर विकासखंड के 20 इंटर कॉलेज व हाईस्कूलों के विज्ञान शिक्षकों द्वारा कार्यशाला में प्रतिभाग कर भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार नामांकन प्रक्रिया को समझा. खंड शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह ने विकासखंड के अंतर्गत समस्त शासकीय, अशासकीय और निजी विद्यालयों को इस योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य प्राप्त करने का आवाहन किया है.


        राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार  टिहरी गढ़वाल में इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय ओरियंटेशन वर्कशॉप का आयोजन कर प्रोजेक्टर के माध्यम से कक्षा 6 से कक्षा 10 तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के मन में  वैज्ञानिक सोच विकसित करने के उद्देश्य से बाल वैज्ञानिकों के  नवाचारयुक्त विचारों को भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण और नामांकन की प्रक्रिया से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया. इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर सुशील डोभाल द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से विकासखंड के समस्त विद्यालयों से आए प्रतिभागियों को भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी विभाग और राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान के द्वारा संचालित इंस्पायर्ड अवार्ड मानक कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए  विद्यालयों के ऑनलाइन पंजीकरण व छात्रों के नामांकन की प्रक्रिया को प्रोजेक्टर द्वारा प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी श्री डीसी गॉड, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक श्री एस पी सेमवाल तथा जिला संयोजक इंस्पायर अवार्ड मानक श्री अलख नारायण दुबे द्वारा जनपद के समस्त विद्यालयों से मानकों के अनुसार नियत मात्रा में छात्रों के गुणवत्तायुक्त विचारों के नामांकन  निर्धारित मानकों के आधार पर करने की अपेक्षा की गई है.


     उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी विभाग द्वारा  कक्षा 6 से 10 तक अध्ययनरत सभी सरकारी अर्द्ध सरकारी और निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं में वैज्ञानिक एवं अनुसंधानात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रतिवर्ष इंस्पायर अवॉर्ड कार्यक्रम के अंतर्गत बाल वैज्ञानिकों से नए अनुसंधान और नई खोजों के लिए विचार आमंत्रित किये जाते हैं. आमंत्रित विचारों का चयन होने पर लाभार्थी छात्रों को ₹10000 की अवार्ड राशि के साथ प्रमाण पत्र दिया जाता है और  ऐसे छात्रों को जनपद राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा को दिखाने के मौके मिलते हैं. इसी कार्यक्रम के अंतर्गत 1 अप्रैल से इंस्पायर अवार्ड मानक पोर्टल पर छात्रों के ऑनलाइन नामांकन किए जा रहे हैं. नामांकन की अंतिम तिथि ३१ जुलाई निर्धारित है.


 समस्त विद्यालयों तक कार्यक्रम की के लिए ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार  टेहरी गढ़वाल में किया गया. कार्यक्रम का संचालन करते हुए बतौर खंड शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री महावीर सिंह परमार ने कहा की गत वर्ष टिहरी जनपद में देशभर में सर्वाधिक नामांकन और छात्रों के चयन में दूसरा स्थान प्राप्त कर देश भर में अपनी नई पहचान बनाई है. उन्होंने विकासखंड जाखणीधार के समस्त शिक्षकों को इस कार्य को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देने का आवाहन किया. इस मौके पर राजकीय शिक्षक संघ के  ब्लाक अध्यक्ष दिनेश प्रसाद डंगवाल ने विकासखंड के अंतर्गत विभागीय प्रमुख उपलब्धियों से समस्त प्रतिभागियों को अवगत करवाया.


कार्यशाला में राजकीय इंटर कॉलेज मंदार से शिक्षक चंद्र सिंह, बड़कोट से एमएस कठैत, कनेलधार से अरविंद सिंह, गेंवली देवल से  श्रीमती शकुंतला कुमाई, कैंथोली से श्रीमती अंशु पवार, भरेटीधार से मंजू नेगी, कफलोग  से प्रीति चमोली, धारकोट से मनीष कुमार, वीरेंद्रकोट से ओपी बडोनी. थाल्काधार  से शिव चरण, टिपरी से अमित कुमार, कोपरधार से सचिंद्र सिंह, कपरेणीसैण से मुकेश कुमार, जाखणीधार से संजीव नेगी, पंकज डंगवाल, चन्दन सिंह असवाल, दिनेश रावत, सुनील बिष्ट, रणजीत पंवार, राधुधार से रविंद्र लसियाल, लामरीधार से वीरेंद्र असवाल, अंजणीसैण से राकेश नेगी और मदन नेगी से श्रीमती कांता भंडारी आदि  ने प्रतिभाग किया.




उर्जा संरक्षण दिवस पर स्कूली बच्चों द्वारा आयोजित की गयी ऑनलाइन ड्राइंग प्रतियोगिता की कुछ झलकें